चुपके-चुपके चल री पुरवाइया - चुपके-चुपके (१९७५)

गीत: चुपके-चुपके चल री पुरवाइया | Chupke chuple chal ri purvaiya
फ़िल्म: चुपके-चुपके (1975) | Chupke-Chupke
संगीतकार: सचिन देव बर्मन | Sachin Dev Burman
कलाकार: जया भादुड़ी, अमिताभ बच्चन | Jaya Bhaduri, Amitabh Bachchan, Rishikesh Mukherji
स्वर: लता मंगेश्कर | Lata Mangeshkar



गीत के बोल:

चुपके-चुपके चल री पुरवाइया -2
बाँसुरी बजाये रे रास रचाये,
दइया रे दइया,
गोपियों संग कन्हैया...

चुपके-चुपके चल री पुरवाइया -2

पागल पवन से कैसे कोई बोले -2
गोरी के मुख से घूँघटा न खोले
डोले हौले से मन की नैय्या,
गोपियों संग कन्हैया...

चुपके-चुपके चल री पुरवाइया -2

ऐसे समय पे कोई चुप भी रहे कैसे -2
बाँध लिए रुत ने पग में घुँघरू जैसे
नाचे मन ता थैय्या ता थैय्या
गोपियों संग कन्हैया...

चुपके-चुपके चल री पुरवाइया -2

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बहुत सुन्दर गीत है। आनन्द ब़क्षी जी को विनम्र श्रधाँजली आभार्

@ RoNnY,
thanks...

Thanks rest all elder & respected guests.

sunder shabd aur sunder geet. aapka abhar yad dilane ka.

सदा सुहाता है ये गीत .हौले -हौले डोलता बहता ....पागल पवन से कैसे कोई बोले -
गोरी के मुख से घूँघटा न खोले...शुरूआत में बजे वायलन और सितार ke पीस खास्तौर पे बड़े मोहक है ....उस पर jayaa की सादगी ...क्या कहने

नमस्कार, अभी बन्तो हमारे से शरमा रही है, इस लिये गीत को गुनगुना कर सुना ही नही रही, बार बार मनाया, चलिये शाम को फ़िर से ट्राई करेगे

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