तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई - आ गले लग जा (१९७३)

आइए इस सदाबहार गीत को सुनकर अपना चित्त प्रसन्न करें, यह वह गीत है, जिसकी धुन और बोल मेरी ज़ुबाँ से कभी बिसरे ही नहीं, सोचा आपका भी यही ख़्याल होगा, सो पेश कर रहा हूँ।

Aa gale lag ja 1973

गीत: तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई | Tera mujhse hai pahle ka nata koi
चित्रपट: आ गले लग जा (१९७३) | Aa gale lag ja 1973
संगीत: राहुल देव बर्मन | R D Burman
गीतकार: आनंद बक्षी | Anand Bakshi
स्वर: किशोर कुमार | Kishore Kumar

संस्करण १:

Tera Mujhse Hai Pahle Ka Nata Koi (1) - Aa Gale Lag Ja (1973) from Vinay Prajapati on Vimeo.

संस्करण २:

Tera Mujhse Hai Pahle Ka Nata Koi - Aa Gale Lag Ja (1973) from Vinay Prajapati on Vimeo.

आडियो गीत: गीत के बोल: तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...
तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...

जाने तू... या जाने ना...
माने तू... या माने ना...

तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...
तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...

धुँआ-धुँआ था वो समाँ
यहाँ वहाँ जाने कहाँ...
धुँआ-धुँआ था वो समाँ
यहाँ वहाँ जाने कहाँ...
तू और मैं कहीं मिले थे पहले
देखा तुझे तो दिल ने कहा

जाने तू... या जाने ना...
ओ माने तू... या माने ना...

तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...
तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...

जाने तू... या जाने ना...
माने तू... या माने ना...

तू भी रही मेरे लिए
मैं भी रहा तेरे लिए...
तू भी रही मेरे लिए
मैं भी रहा तेरे लिए...
पहले भी मैं तुझको बाँहों में लेके
झूमा किया और झूमा किया...

तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...
तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...

जाने तू... या जाने ना...
माने तू... या माने ना...

देखो अभी खोना नहीं
कभी जुदा होना नहीं...
देखो अभी खोना नहीं
कभी जुदा होना नहीं...
अबके यूँ ही मिले रहेंगे दोनों
वादा रहा ये इस शाम का

जाने तू... या जाने ना...
माने तू... या माने ना...

तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...
तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
यूँ ही नहीं दिल लुभाता कोई...

जाने तू... या जाने ना
माने तू... या माने ना...

वादे गये बातें गयीं
जागी जागी रातें गयीं
चाहा जिसे मिला नहीं
तो भी हमें गिला नहीं
अपना है क्या जियें मरें चाहे कुछ हो
तुझको तो जीना रास आ गया

जाने तू... या जाने ना
माने तू... या माने ना...

Post a Comment

आनन्द बक्षी साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि!

He was great lyricist, no one has simple, clean and beautiful writing skills today as he had.

I salute him.

Deepak Vaid

आनन्द आ गया यह गीत सुनकर.

बहुत दिनों के बाद????? बेहद खुबसूरत गीत...
regards

Amazing song... thanks...

Vipul Shah

yah to mera bahut hi pasandida geet hai, shukriya! Blog is great!

बहुत अच्छा लगा ।

बहुत ही सुंदर गीत है जी

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