यह रातें नयी पुरानी - जूली (१९७५)

गीत: यह रातें नयी पुरानी | Ye ratein nayi purani
चित्रपट: जूली (1975) | Julie
संगीत: राजेश रोशन | Rajesh Roshan
गीतकार: आनन्द बक्षी | Anand Bakshi
स्वर: लता मंगेश्कर | Lata Mangeshkar

वीडियो गीत:



गीत के बोल:
यह रातें नयी पुरानी, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें नयी पुरानी, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें...

आ रहा है देखो कोई, जा रहा है देखो कोई
सबके दिल हैं जागे-जागे, सबकी आँखें खोयी-खोयी
ख़ामोशी करती है बातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें...

क्या समा है जैसे ख़ुशबू उड़ रही हो कलियों से
गुज़री हो निदिया में पलकों की गलियों से
सुन्दर सपनों की बारातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें...

कौन जाने कब चलेंगी किस तरफ़ से ये हवाएँ
साल भर तो याद रखना ऐसा न हो भूल जायें
इस रात की मुलाक़ातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
यह रातें..., नयी पुरानी...,
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी

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सबके दिल हैं जागे-जागे, सबकी आँखें खोयी-खोयी
ख़ामोशी करती है बातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी
" बेहद खुबसूरत गीत....."

regards

"क्या समा है जैसे ख़ुशबू उड़ रही हो कलियों से
गुज़री हो निदिया में पलकों की गलियों से
सुन्दर सपनों की बारातें, यह रातें नयी पुरानी
आते, आते जाते कहती हैं कोई कहानी"

वाह क्या लाइनें हैं, सचमुच कमाल की!

लाजवाब गीत, राजेश रोशन का संगीत है मुझे तो मालूम ही नहीं था।

मुझे यह गीत शुरु से बहुत ही ज़्यादा पसंद रहा है। गूगल से यहाँ तक आना अच्छा अनुभव रहा है।

अच्छी प्रस्तुति........बधाई.....

wah wah! kya baat hai!

log on http://doctornaresh.blogspot.com/

i just hope u will like it!

बहुत प्यारा गीत है.

विनय आप अपना न. दीजिए.मेरे मोबाइल में से डिलीट हो गया है.
9889478084

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