उड़ जा काले कावाँ - गदर - एक प्रेम कथा २००१

Udd ja kale kanwa tere muh vich khand panwa

उड़ जा काले कावाँ तेरे मुँह विच खंड पाँवा
ले जा तू संदेसा मेरा मैं सदके जाँवा
बाग़ों में फिर झूले पड़ गये
पक गया मिठियाँ अम्बियाँ
ये छोटी सी ज़िंदगी ते राता लम्बियाँ लम्बियाँ
ओ घर आजा परदेसी के तेरी मेरी इक जिंदड़ी...

छम छम करता आया मौसम
प्यार के गीतों का
ओ, छम छम करता आया मौसम
प्यार के गीतों का
रस्ते पे अखियाँ रस्ता देखें
बिछड़े मीतों का

आज मिलन की रात,
न छेड़ो बात जुदाई वाली
मैं चुप, तू चुप प्यार सुनें
बस प्यार ही बोले खाली
ओ घर आ जा परदेसी, के तेरी मेरी इक जिंदड़ी
होए, ओ घर आ जा परदेसी, के तेरी मेरी इक जिंदड़ी...

ओ मितरा, ओ यारा, यारी तोड़के मत जाना
हो, ओ मितरा, ओ यारा, यारी तोड़के मत जाना
मैं ये जग छोड़ा, तू मुझको छोड़के मत जाना

ऐसा हो नहीं सकता , हो जाये तो मत घबराना
मैं दौड़ी आऊँगी, तू बस इक आवाज़ लगाना
ओ घर आ जा परदेसी, के तेरी मेरी इक जिंदड़ी
ओ घर आ जा परदेसी, के तेरी मेरी इक जिंदड़ी...

उड़ जा काले कावाँ तेरे मुँह विच खंड पाँवा
ले जा तू संदेसा मेरा मैं सदके जाँवा
बाग़ों में फिर झूले पड़ गये
पक गया मिठियाँ अम्बियाँ
ये छोटी सी ज़िंदगी ते राता लम्बियाँ लम्बियाँ
ओ घर आजा परदेसी के तेरी मेरी इक जिंदड़ी...

गीत: उड़ जा काले कावाँ
चित्रपट: गदर एक प्रेम कथा २००१
संगीत: उत्तम सिंह
गीतकार: आनंद बक्षी
स्वर: उदित नारायण, अल्का याग्निक

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udja kaale kaawan tere munh wich khand paanwa
le ja tuu sandesha meraa main sadke jaawan
baaghon mein phir jhoole parr gaye, pak gayean mithiya ambiyan
yeh chhotii sii jindaree dii raatan lambiya lambiya
o ghar aaja pardesii ke terii merii ek jindrii - (2)

kitnii dard bharii hai terii merii prem kahanii - (2)
sat samundar jitna apnii aankhon mein hai panii
main dil se dil mujhse karta -2 hai jab terii baatein
saawan aane se pehle ho jatii hain barsatein
o ghar aaja pardesii ke terii merii
o ghar aaja pardesii - (3) ki terii merii ek jindrii
o ghar aaja pardesii, ki terii merii ek jindrii

parbat kitney unchey, kitne gehrey hote hain - (2)
kuchh mat puchho pyaar pe kitne pehrey hote hain
ishq me jaane kya ho jaata hai, ye rab hii jaane
tod ke sarii deevare mil jaate hain deevane
o le jaa mujhe pardesii, ki terii merii ek jindrii - (4)

Song: Uad ja kale kawan
Film: Gadar Ek Prem Kath 2001
Music: Uttam Singh
Lyrics: Anand Bakshi
Singers: Udit Narayan, Alka Yagnik

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