हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे - शालीमार (१९७८)

मोहब्बत के एहसास से लबरेज़ इस सुहाने सदाबहार गीत का लुत्फ़ उठायें। यह गीत जवाँ दिलों का साज़ है। हर दिल के किसी न किसी कोने में ज़िन्दा है और धड़कत रहता है।


Original Song



Instant Karma, Shaan - Hum Bewafa



गीत: हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे | Ham bewafa hargiz na the
फ़िल्म: शालीमार (1978) | Shalimar 1978
संगीतकार: आर डी बर्मन | R D Burman
स्वर: किशोर कुमार | Kishor Kumar

गीत के बोल:

हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे
पर हम वफ़ा कर न सके
हमको मिली उसकी सज़ा
हम जो ख़ता कर न सके
हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे
पर हम वफ़ा कर न सके

कितनी अकेली थीं वो राहें हम जिनपे
अब तक अकेले चलते रहे
तुझसे बिछड़ के भी ओ बेख़बर
तेरे ही ग़म में जलते रहे
तूने किया जो शिक़वा
हम वो गिला कर न सके
हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे
पर हम वफ़ा कर न सके

तुमने जो देखा सुना सच था मगर
कितना था सच ये किसको पता
जाने तुम्हें मैंने कोई धोखा दिया
जाने तुम्हें कोई धोखा हुआ
इस प्यार में सच झूठ का
तुम फ़ैसला कर न सके
हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे
पर हम वफ़ा कर न सके

4 comments:

  1. vinay jee bahut baDiyaa prastute बहुत दिन से ये गीत याद कर रही थीबहुत बहुत धन्यवाद्

    ReplyDelete
  2. thanks for both versions, great song and lyrics...

    ReplyDelete