फ़िल्म बेताब से मुझे यह गीत बहुत पसंद है मज़े की बात तो यह कि जो आडियो (HMV से) मेरे पास है उस पर गीतकार का नाम जावेद अख़्तर है, जबकि वास्तविकता में यह गीत आनन्द साहब ने लिखा है, आप चाहें तो फ़िल्म की स्टारिंग में देख सकते हैं।


स्वर: शब्बीर कुमार, लता मंगेश्कर | Shabbir Kumar, Lata Mangeshkar
गीतकार: आनन्द बक्षी | Anand Bakshi
फ़िल्म: बेताब (1983) | Betaab
संगीत: राहुल देव बर्मन | RD Burman



गीत के बोल:
जब हम जवाँ होंगे जाने कहाँ होंगे
लेकिन जहाँ होंगे वहाँ पर याद करेंगे
तुझे याद करेंगे ...

ये बचपन का प्यार अगर खो जायेगा
दिल कितना खाली-खाली हो जायेगा
तेरे ख़यालों से इसे आबाद करेंगे
तुझे याद करेंगे ...

ऐसे हँसती थी वो ऐसे चलती थी
चाँद के जैसे छुपती और निकलती थी
सब से तेरी बातें तेरे बाद करेंगे
तुझे याद करेंगे ...

तेरे शबनमी ख़्वाबों की तस्वीरों से
तेरी रेशमी ज़ुल्फ़ों की ज़ंजीरों से
कैसे हम अपने आप को आज़ाद करेंगे
तुझे याद करेंगे ...

ज़हर जुदाई का पीना पड़ जाये तो
बिछड़ के भी हम को जीना पड़ जाये तो
सारी जवानी बस यूँ ही बर्बाद करेंगे
तुझे याद करेंगे ...

7 Comments

  1. आप दोनों का बहुत-बहुत शुक्रिया, उड़न तश्तरी जी और राज भाटिया जी!

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  2. विनय जी
    आपके गीतों की पसंद वाकई लाजबाब है, यह उम्र का तकाजा है या प्यार असर ?
    रत्नेश त्रिपाठी

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  3. @आर्या, मेरी पसंद तो है, लेकिन सब गीत आनन्द बक्षी के हैं, इसमें मेरे प्यार की बात कहाँ से आ गयी?

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